सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Indian railway लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Railway का नया फरमान- अब ट्रेन टिकट होने के बावजूद भी लगेगा जुर्माना, जानिए क्या है नियम…

Railway का नया फरमान- अब ट्रेन टिकट होने के बावजूद भी लगेगा जुर्माना, जानिए क्या है नियम… यह नियम यात्रियों की भीड़ नियंत्रण और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए लागू किया गया है. भारतीय रेलवे के नियम के मुताबिक अगर किसी भी व्यक्ति की ट्रेन दिन के समय में है और वह व्यक्ति उसे पकड़ने के लिए दो से अधिक घंटे स्टेशन पर बीतता है तो उसे जुर्माना भरना होगा. यानी अगर आपकी ट्रेन दोपहर के समय की है तो आप 2 घंटे पहले ही स्टेशन पर पहुंच सकते हैं. इसके अलावा अगर गुजरात की ट्रेन है तो 4 से 5 घंटे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंच सकते हैं और अपना समय वहां गुजार सकते हैं. लेकिन उससे अधिक समय होने पर आपको जुर्माना भरना होगा. बता दें कि, अगर आप रेलवे के इस नियम का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो रेलवे स्टेशन पर मौजूद टिकट चेकर TTE आपसे किसी भी तरह का जुर्माना वसूल सकता है. अगर आप ऊपर बताएंगे समय सारणी का पालन नहीं करते हैं और आपके पास प्लेटफार्म टिकट नहीं है तो आपको अतिरिक्त जुर्माना भरना होगा. इसीलिए प्लेटफार्म पर जाने से पहले आपको प्लेटफार्म टिकट लेना चाहिए.

देश का अनोखा रेलवे स्टेशन, चंदा लेकर यात्री टिकट लेते हैं पर सफर नहीं करते, वजह जान हर कोई है हैरान!

 यूपी के प्रयागराज के पास दयालपुर रेलवे स्टेशन पर लोग टिकट जरूर खरीदते हैं लेकिन सफर नहीं करते हैं. हालांकि, ऐसा यहां के लोग मजबूरी में करते हैं. आइये जानते हैं इससे जुड़ी दिलचस्प फैक्ट्स    Railway Awareness: रेल में बिना टिकट यात्रा करना दंडनीय अपराध है लेकिन देश में एक स्टेशन ऐसा है जहां मुसाफिर टिकट लेकर भी यात्रा नहीं करते हैं. थोड़ी देर के लिए आप सोचेंगे ये क्या माजरा है? लेकिन यह सच है देश में एक रेलवे स्टेशन ऐसा जहां लोग रोज टिकट लेते हैं पर सफर नहीं करते हैं. इसके पीछे लोगों की एक बड़ी मजबूरी है. यह रेलवे स्टेशन उत्तर प्रदेश के एक छोटे-से गांव में है. खास बात है कि इसका निर्माण देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के कहने पर तत्कालीन रेल मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने कराया था. हालांकि, अब आप सोच रहे होंगे कि ये सब तो ठीक है लेकिन, यह तो पता चले कि यहां पर लोग टिकट लेकर भी सफर क्यों नहीं करते हैं? तो आइये आपको बताते हैं इसके पीछे की दिलचस्प वजह…   इस अनोखे स्टेशन का नाम और पताउत्तर प्रदेश में स्थित इस रेलवे स्टेशन का नाम दयालपुर है. चूंकि इसके ...

ये है दूनिया का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां प्लेटफॉर्म 1 और प्लेटफार्म 2 के बीच है 2 किलोमीटर की दूरी

  ये है दूनिया का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां प्लेटफॉर्म 1 और प्लेटफार्म 2 के बीच है 2 किलोमीटर की दूरी  ऐसे में आपको बता दें कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) का नेटवर्क एशिया में सबसे बड़ा है और दुनिया भर मे यह चौथे नंबर पर आती है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) केवल बड़े रेल नेटवर्क होने की वजह से फेमस नहीं है, बल्कि यह बहुत से आश्चर्यों से भरा है।   Bharat prime के YouTube /  Facebook चैनल पर वीडियो उपलब्ध है ; जरूर देखिए। ये है दूनिया का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां प्लेटफॉर्म 1 और प्लेटफार्म 2 के बीच है 2 किलोमीटर की दूरी भारत मे जब भी किसी को लंबा सफर तय करना होता है तो सबसे पहला ख्याल भारतीय रेलवे (Indian Railways) का आता है. ऐसे में आपको बता दें कि भारतीय रेलवे (Indian Railways) का नेटवर्क एशिया में सबसे बड़ा है और दुनिया भर मे यह चौथे नंबर पर आती है. भारतीय रेलवे (Indian Railways) केवल बड़े रेल नेटवर्क होने की वजह से फेमस नहीं है। इसी कड़ी में आज हम आपको भारतीय रेलवे (Indian Railways) के एक बहुत ही अनोखे स्टेशन के बारे में बताएंगे. भाग दौड़ से भरे इस मुल्क मे एक...

Agnipath Scheme Protest : भोजपुर में टिकट बुकिंग काउंटर से 3 लाख रुपए की लूट

 अग्निपथ योजना का भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है इसी बीच बिहार में विरोध (Agnipath Scheme Protest) प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों का उग्र रूप भी देखने को मिला है। दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया है। इसी कड़ी में भोजपुर के बिहिया स्टेशन पर उपद्रवी छात्रों ने टिकट काउंटर से करीब तीन लाख रुपये लूट लिए। बता दें कि आज सुबह से ही प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी बिहिया स्टेशन पर 'अग्निपथ स्किम' के खिलाफ ट्रेन परिचालन को रोककर कर प्रदर्शन कर रहे थे।            Image source-google  अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन के दौरान,रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर से रुपयों की लूट (During the protest against 'Agneepath Yojana', money was looted from the railway ticket booking counter):  जैसे जैसे भीड़ अधिक होने लगी प्रदर्शन और उग्र होता चला गया। देखते ही देखते उपद्रवी युवा पूरे बिहिया स्टेशन पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम देने लगे। इसी बीच स्टेशन के टिकट बुकिंग काउंटर को भी आग के हवाले कर दिया । ऐसा कथ...

जाने ऐसा क्या हुआ, ₹2 की जगह रेलवे को लौटने पड़े ₹2 करोड़ 43 लाख रुपए | Know what happened, ₹ 2 crore 43 lakh rupees to return to the railways instead of ₹ 2

कोटा के एक व्यक्ति ने रेलवे से ₹2 का रिफंड पाने के लिए अपनी पांच साल की लड़ाई जीत ली है, इससे लगभग 3 लाख लोगों की मदद मिली, जिनके भी इसी तरह से रुपए रेलवे ने रख लिए थे।                     Image source-google  ₹2 के बदले में रेलवे को क्यों देने पड़े ₹2.43 करोड़: ₹2 के बदले में रेलवे को देने पड़े ₹2.43 करोड़ रुपए। राजस्थान के कोटा के रहने वाले सुजीत स्वामी जो कि पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने रेलवे को ऐसा सबक सिखाया है इन्हें कभी नहीं भूलेगा। लेकिन ये लड़ाई इतनी आसान नहीं थी। पेशे से इंजीनियर सुजीत स्वामी ने इसके लिए लम्बी लड़ाई लड़ी जिसका फायदा अब जाकर उन्हें मिला है।    कब का है ₹2 वाला मामला: दरअसल अप्रैल 2017 में उन्होंने 2 जुलाई को यात्रा करने के लिए स्वर्ण मंदिर मेल में कोटा से नई दिल्ली के लिए टिकट बुक किया था। जिस टिकट की कीमत  ₹765 थी, लेकिन वेटिंग टिकट होने के चलते सुजीत स्वामी ने यात्रा न करने का फैसला किया और उन्होंने टिकट कैंसल कर दिया। टिकट कैंसल कराने पर IRCTC को उन्हें रिफंड के रूप में ₹700 लौटना चाहि...

92 साल की 'Queen' अपने 93 वें जन्मदिन पर पहले से भी ज्यादा हुई खूबसूरत; देखें तस्वीरें | The 92-year-old 'Queen' on her 93rd birthday becomes more beautiful than ever; view photos

  डेक्कन क्वीन ट्रेन (Deccan Queen Train): 1 जून 1930, भारत और भारतीय रेलवे के इतिहास में एक ख़स स्थान रखता है, क्योंकि इसी दिन भारत की पहली लग्जरी ट्रेन चली थी। इसे 'दक्खन की रानी' भी कहा जाता है।                 Image source-twitter   संक्षेप में:  देश की पहली सुपरफास्ट ट्रेन डेक्कन क्वीन ने पूरे किए अपने 92 साल। यह क्वीन पिछले 92 सालों से बिना रुके चलती आ रही है। >यह ट्रेन मुंबई और पुणे के बीच पहली बार 7 डब्बों के साथ दौड़ी थी आज यह 17 डब्बों के साथ दौड़ती है।     Image source-twitter  >1930 में ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे द्वारा शुरू की गई थी डेक्कन क्वीन ट्रेन। >ट्रेन के 92 साल पूरे होने पर विस्टाडोम कोच जोड़ा गया है जिसमें बैठने के बाद यात्री प्लेन जैसा अनुभव कर सकेंगे।   विस्तार: डेक्कन क्वीन ट्रेन जब पहली बार 1 जून 1930 को चली थी तब यह एक सप्ताहांत ट्रेन के रूप में शुरू की गई थी यानी सप्ताह के अंतिम दिन चलती थी। इसे सबसे पहले अंग्रेजों के लिए पुणे से मुंबई के बीच शुरू किया गया था। ...