देश के करोड़ों छात्रों के स्कूल और कॉलेज से जुड़ी ख़बरें आपको बताने जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानि यूजीसी ने ये फैसला किया है कि इस साल केन्द्रीय विश्वविद्यालय और इनके कॉलेजों में ऐडमिशन के लिए 12 वीं कक्षा के अंको को आधर नहीं माना जाएगा; बल्कि इसके जगह अलग से एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी और इसमें छात्रों को जो रैंक आएगी उसी के आधार पर उसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय में एडमिशन मिलेगी। भारत में हर साल लगभग 1.50 करोड़ छात्र 12 वीं कक्षा के बोर्ड एग्जाम देते हैं। इसलिए ये ख़बर देशभर के करोड़ों छात्रों और परिवारों से जुड़ा हुआ है। यूजीसी का अहम फैसला केन्द्रीय विश्वविद्यालय में एडमिशन 12 वीं के बोर्ड एग्जाम के नंबरों के आधर पर नहीं होगा। बल्कि इसके जगह अलग से एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी। इस परीक्षा का नाम होगा सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन इंटरेस्ट टेस्ट । हमारे देश में अभी कुल 45 सेंट्रल यूनिवर्सिटी हैं। यूजीसी का ये फैसला सिर्फ सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर लागू होंगे स्टेट यूनिवर्सिटी पर लागू नहीं होगें। इस फैसले की आख़िर ज़रूरत क्यों पड़ी ? आपको यहां बता दें कि हर साल...
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