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एसएस राजमौली कैसे बने देश के सबसे बड़े फिल्ममेकर ?

सएस राजामौली एक इन्डियन फ़िल्म डायरेक्टर हैं। इनका पुरा नाम है कोडुरी श्रीसैला श्री राजामौली इन्हें आमतौर एस.एस. राजामौली के नाम से जाना जाता है, ये एक भारतीय फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक हैं, जो मुख्य रूप से तेलुगु सिनेमा में काम करते हैं। इन्हें अच्छे फिल्मों और उनके कामों के लिए जाना जाता है।राजामौली का जन्म 10 अक्टूबर 1973 को वर्तमान कर्नाटक राज्य के रायचूर जिले में हुआ था। इनके पिता पटकथा लेखक के.वी. विजयेंद्र प्रसाद और माता राजा नंदिनी हैं।

राजामौली ने अपने 21 साल के फिल्मी करियर में सिर्फ़ और सिर्फ़ 11 फिल्म ही बनाए हैं और आज उनका नाम देश के सबसे बड़े फिल्म मेकर रूप में जाना जाता है। हाल ही में रिलीज़ उनकी फ़िल्म आरआरआर के बाद यह साबित हो जाती है कि वो हिन्दुस्तान के सबसे बड़े फिल्म मेकर है। एसएस राजामौली ने नॉर्थ साउथ के दीवार गिरा दी है। आरआरआर ने एक दिन कलेक्शन की बात करें तो ₹230 करोड़ रूपए है। जो किसी किसी फ़िल्म को ऑल टाइम कलेक्शन से अधिक है। इससे पहले उनकी फ़िल्म बाहुबली की कमाई से भी अधिक है। एसएस राजामौली के द्वारा बनाई गई फिल्म है स्टूडेंट नंबर वन इस फ़िल्म में इनके हीरो थे जूनियर.एनटी.आर । उसके बाद कई फिल्में बनाई मक्खी, सीमाद्री, मगधीरा, बाहुबली, और बाहुबली 2 इत्यादि।

एसएस राजामौली खुद को नास्तिक बताते हैं।  वह भक्ति को एक उच्च शक्ति के अधीन होने के संदर्भ में, एक मजबूत भावना के रूप में मानते है, और वह इसे अपनी फिल्मों में कहानी कहने वाले विषय के रूप में उपयोग करते हैं।

राजामौली की फिल्मों में अक्सर फैंटसी और हिंदू पौराणिक कथाओं से संबंधित विषय होते हैं।  वह अक्सर स्वीकार करते हैं कि उनकी फिल्में रामायण और महाभारत से प्रेरित हैं।

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